हिंदू मान्यता के अनुसर बुधवार का दिन रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद और बुध ग्रह की शुभता को पाने के लिए व्रत रखा जाता है. ज्योतिष के अनुसार बुध को नवग्रहों का राजकुमार कहा जाता है, जो व्यक्ति की कुंडली में वाणी, बुद्धि, करियर, कारोबार आदि का कारक होता है.
ज्योतिष के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध विपरीत फल दे रहा हो तो उसे इस रूठे ग्रह को मनाने के लिए व्रत को उत्तम उपाय माना गया है. विद्या, व्यापार और वाणी से जुड़े काम करने वालों के लिए यह व्रत अत्यंत ही शुभ साबित होता है.
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बुध ग्रह के लिए कब शुरू करना चाहिए? बुधवार के व्रत की विधि और नियम क्या हैं? आइए बुधवार के महाउपाय माने जाने वाले बुधवार व्रत की संपूर्ण विधि को विस्तार से जानते हैं.




