आज है द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी, जानें शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली पूजा विधि और मंत्र

हिंदू धर्म में प्रथम पूजनीय माने जाने वाले भगवान श्री गणेश जी की पूजा के लिए किसी भी महीने में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. पंचांग के अनुसार किसी भी मास के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि जहां संकष्टी चतुर्थी तो वहीं शुक्लपक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि विनायक चतुर्थी कहलाती है.

आज फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे गणपति के भक्त द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के रूप में जानते हैं. आज गणपति बप्पा का आशीर्वाद पाने के लिए कब और कैसे करें द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी की पूजा और क्या है इस व्रत का धार्मिक महत्व आइए इसे विस्तार से जानते हैं. 

पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि 05 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 12:09 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 6 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 12:22 बजे समाप्त होगी. ऐसे में भगवान श्री गणेश की कृपा बरसाने वाला संकष्टी व्रत और पूजन 5 फरवरी 2026, गुरुवार को ही किया जाएगा. द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का समय रात्रि 09:14 रहेगा. 

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