हिंदू धर्म में भगवान श्री विष्णु की कृपा पाने के लिए एकादशी व्रत का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. यह व्रत हर महीने के कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है, लेकिन इसका महत्व तब और भी ज्यादा बढ़ जाता है जब यह फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष में पड़ती है और विजया एकादशी कहलताी है.
हिंदू मान्यता के अनुसार श्री हरि की कृपा बरसाने वाले इस व्रत को विधि-विधान करने से साधक के जीवन से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं और वह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विजय प्राप्त करता है. आइए विजया एकादशी व्रत की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व को विस्तार से जानते हैं.
पंचाग के अनुसार विजया एकादशी का व्रत जिस फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की एकादशी को पड़ता है वह पावन तिथि 12 फरवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 12:22 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को दोपहर 02:25 बजे तक रहेगी.
इस तरह उदया तिथि के अनुसार विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026 को ही रखा जाएगा. जिस पारण को किये बगैर एकादशी का व्रत पुण्यफल नहीं मिलता है, वह 14 फरवरी 2026 को प्रात:काल 06:35 बजे से लेकर 08:52 बजे तक रहेगा.




