केंद्र सरकार ने तंबाकू से बने उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को आम बजट पेश करते हुई इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नेशनल कैलेमिटी कंटिंजेंट ड्यूटी (NCCD) में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है. मंत्री के ऐलान के बाद इस फैसले का असर भी अब बाजार में दिखने लगा है.
कीमत बढ़ने से व्यापारी निराश
नई दिल्ली स्थित जनपथ में सिगरेट और तंबाकू के उत्पादों का कारोबार करने वाले व्यापारी हनी ने फैसले पर निराशा व्यक्त की. हनी ने बताया कि बजट में ऐलान के बाद से ही व्यापार कमजोर पड़ गया है.
“टैक्स बढ़ने से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं. पहले एक सिगरेट की डिब्बी 340 से 350 रुपए में आती थी लेकिन अब उसी का दाम 400 से 500 हो जाएगा. जबकि तंबाकू के उत्पादों के दाम 30 से ₹40 बढ़ जाएंगे. जो पान मसाला का पैकेट पहले ₹20 का था अब वो ₹25 का होगा. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा. ”
व्यापारी अभिषेक बताते हैं कि सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग को होगा, जो हमारी कमाई का मुख्य स्रोत है. “सबसे अधिक खपत मजदूर वर्गों की ही है. टैक्स उत्पादों के दाम भी बढ़ जाएंगे. ऐसे में अब मजदूर वर्ग दुकान पर कम पहुंचेगा क्योंकि उनकी कमाई तो बढ़ नहीं रही है लेकिन दाम बढ़ने से वह इसका सेवन करना कम कर देंगे. यही लोग हमारी कमाई का जरिया हैं लेकिन अब इनके कम खाने से हमें आर्थिक तौर पर नुकसान होगा.”






