
संवाददाता ( आदर्श सिंह )
नई दिल्ली: सिविल लाइंस की महिला से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की FIR चर्चा में है। विदेश से ऑपरेट कर रहे पंजाब के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का नाम सामने आया है। सबकी जुबान पर एक ही सवाल है कि इससे पहले सबसे बड़ी रंगदारी किसने और कब मांगी थी? एनबीटी ने पड़ताल की तो गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने इससे पहले 2022 में सबसे बड़ी एक्सटॉर्शन कॉल की थी। दुबई टी-10 क्रिकेट लीग में एक टीम के ऑनर दिल्ली निवासी कारोबारी से 50 करोड़ रुपये मांगे थे। क्राइम ब्रांच ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी जांच भी अभी फाइलों में ही है।
- दिल्ली निवासी यह कारोबारी क्रिकेट की दुनिया में ‘गैलन’ नाम से मशहूर है।
- दुबई टी-10 लीग में एक टीम का मालिक है। वह बिजनेस के सिलसिले में दुबई आते-जाते रहते हैं।
- गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने जेल में बंद होने के बावजूद मार्च 2022 में वॉट्सऐप कॉल कर 50 करोड़ की रंगदारी मांगी थी।
- पीड़ित ने दिल्ली पुलिस को पहली शिकायत 17 मार्च 2022 को दी थी।
- लॉरेंस सिंडिकेट की तरफ से 50 करोड़ रुपये की मांग और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया था।
लॉरेंस सिंडिकेट से दहशत में कारोबारी
- पुलिस के मुताबिक, सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में तब फरारी काट रहे लॉरेंस के भांजे सचिन बिश्नोई ने जुलाई 2022 में 50 करोड़ की डिमांड को आगे बढ़ाया।
- नेताजी सुभाष प्लेस थाने में 8 अगस्त 2022 को कंप्लेंट दी गई।
- कारोबारी ने पंजाब पुलिस में अपने जानकार अफसर से मदद मांगी, जिसने सचिन तक संदेश पहुंचा दिया… अगर ज्यादा परेशान किया तो लॉरेंस को रिमांड पर लाकर ‘समझा’ दिया जाएगा।
- इससे आग बबूला होकर सचिन पीड़ित के परिवार तक को जान से मारने की धमकियां देने लगा।
- लॉरेंस सिंडिकेट जब कारोबारी के दुबई और दिल्ली के ठिकानों की जानकारी धमकी भरी कॉल्स में देने लगा तो वो दहशत में आ गए।
NBT ने 2023 में भी प्रमुखता से छापी थी खबर
NBT ने लॉरेंस की तरफ से 50 करोड़ की रंगदारी मांगने की खबर को 4 जून 2023 को प्रमुखता से छापा था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने गैलन से संपर्क साधा और शिकायत लेकर मुकदमा दर्ज किया। दूसरी तरफ, सचिन बिश्नोई को अजरबैजान से डिपोर्ट कराकर 1 अगस्त 2023 को दिल्ली ले आया गया।
