
संवाददाता ( आदर्श सिंह )
नई दिल्ली: दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई प्रमुख लोगों समेत बड़ी संख्या में वोटरों को नोटिस मिलने के बाद चुनाव आयोग अब उनकी समस्याओं के जल्द समाधान पर जोर दे रहा है। आयोग में सोमवार को दिनभर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श हुआ। सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने बीएलओ, एसडीएम, एडीएम और डीएम स्तर पर कामकाज की स्थिति पर भी चर्चा की।
- सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार से बात कर नोटिस पाने वाले वोटरों की समस्याओं के समाधान के लिए रास्ता तलाशने को कहा।
- इसके बाद दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के लिए लगाए गए करीब 300 ईआरओ की संख्या बढ़ाकर 900 तक करने का फैसला किया गया है।
- इसका मकसद ईआरओ स्तर पर नोटिस से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करना है।
- साथ ही सभी बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस पाने वाले वोटरों के घर जाकर उनकी समस्याएं समझें और उनका समाधान करने की कोशिश करें।
- जहां संभव हो, जरूरी दस्तावेज वहीं से लेकर उन्हें सिस्टम में अपलोड करने को कहा गया है, ताकि लोगों को बार-बार केंद्रों पर आने की जरूरत न पड़े।
बीएलओ के कामकाज को लेकर भी शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक, आयोग को कुछ बीएलओ के कामकाज को लेकर शिकायतें मिली हैं। आरोप है कि कुछ बीएलओ ने वोटरों से एन्क्यूरेशन फॉर्म भरवाते समय उन्हें ठीक से जानकारी नहीं दी और बाद में नोटिस दिए जाने के दौरान भी उनकी शंकाओं का समाधान नहीं किया। कुछ मामलों में यह भी पता चला कि बीएलओ के बजाय उनके पति ने लोगों से फॉर्म भरवाने और जमा कराने का काम संभाला। ऐसे बीएलओ पर कार्रवाई की जा सकती है।
