
संवाददाता ( आदर्श सिंह )
अश्वनी शर्मा, नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान डीटीसी बसों में हुई तोड़फोड़ की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस को इसके पीछे एक कथित संगठित प्लानिंग के संकेत मिल रहे हैं। जांच में एक वॉट्सऐप ग्रुप का पता चला है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर बसों को निशाना बनाने की योजना और हमले से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीन लोग इस ग्रुप को चला रहे थे। अब इनकी भूमिका और ग्रुप में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि ग्रुप में हुई बातचीत के बाद वास्तव में बसों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं या नहीं। जांच में एक और अहम बात सामने आई है। पुलिस को कई मामलों में पता चला है कि बसों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पहचाने गए लोग डीटीसी के लिए काम करने वाली थर्ड पार्टी कंपनी के कर्मचारी हैं। अब जांच अधिकारी यह पता कर रहे हैं कि इन कर्मचारियों ने अपने स्तर पर बसों को निशाना बनाया या उन्हें किसी ने निर्देश दिए थे। अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं के बीच कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
- तीन लोग चला रहे थे ग्रुप, बसों को निशाना बनाने और हमले की रणनीति पर होती थी चर्चा
- 17 पकड़े अब तक, जांच में कई आरोपी थर्ड पार्टी के कर्मचारी निकले
- दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान डीटीसी बसों में हुई थी तोड़फोड़, जांच जारी
कंझावला और बेगमपुर में दो FIR, 12 गिरफ्तार
कंझावला और बेगमपुर में दर्ज दो FIR में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, द्वारका में तोड़फोड़ से जुड़े 17 मामले दर्ज किए गए हैं और पांच की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने 50 से ज्यादा को दिधारा 65 के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है। इस तरह अलग-अलग मामलों में अब तक 17 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
क्या मिला जांच में
जांच के दौरान पुलिस को कुछ घटनाओं में एक खास पैटर्न मिला। बस में तोड़फोड़ होने के बाद पीसीआर कॉल की गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में कथित तौर पर वही लोग बसों को नुकसान पहुंचाते दिखाई दिए, जिनकी पहचान बाद में जांच में हुई।
